बंगाल में चुनावी हिंसा की फाइलें दोबारा खुलीं: सुवेंदु सरकार का सख्त रुख; 300 मामलों की होगी गहन जांच
Election violence files reopened in Bengal: Suvendu government takes tough stance
कोलकाता। बंगाल के 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई चुनावी हिंसा का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद बंगाल पुलिस ने उन सभी लंबित और पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोल दी हैं, जो पिछले तीन सालों से ठंडे बस्ते में थे।
विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ हुए जघन्य अपराधों और हत्या जैसे गंभीर मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में पूरे बंगाल में लगभग 300 ऐसे मामले हैं जो पुलिस की कड़ी जांच के दायरे में हैं।
लालबाजार में उच्च स्तरीय बैठक और कड़े निर्देश
कोलकाता पुलिस मुख्यालय, लालबाजार में गुरुवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने सभी थानों के ओसी (थाना प्रभारी)को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
इस बैठक में सहायक आयुक्तों और डीसीपी को आदेश दिया गया है कि वे महिलाओं के खिलाफ अपराधों, विशेषकर पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच में तेजी लाएं। पुलिस का लक्ष्य इन मामलों में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करना है ताकि फास्ट-ट्रैक अदालतों के जरिए दोषियों को सजा दिलाई जा सके।